केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने दिल्ली की शराब नीति से जुड़े मामले में अरविंद केजरीवाल और अन्य आरोपियों को आरोपमुक्त करने के निचली अदालत के फैसले को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी है. इस याचिका पर सोमवार (9 मार्च 2026) को हाई कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है. सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से पेश हुए तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि यह याचिका निचली अदालत के उस फैसले के खिलाफ है जिसमें आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया गया था. उन्होंने अदालत को बताया कि यह मामला देश की राजधानी से जुड़ा एक बहुत बड़ा घोटाला है और उनके अनुसार यह देश के लिए शर्म का विषय है.
तुषार मेहता ने दलील दी कि इस मामले की जांच वैज्ञानिक तरीके से की गई है और जांच एजेंसी ने साजिश के हर पहलू को विस्तार से सामने रखा है. उन्होंने कहा कि जांच के दौरान मिले सबूतों से पूरी साजिश को सामने पेश किया गया है. दिल्ली की नई शराब नीति को लेकर पहले भी राजनीतिक और कानूनी विवाद सामने आते रहे हैं. इसी मामले में सीबीआई ने जांच की थी और बाद में अदालत में मामला पहुंचा. अब निचली अदालत के आरोपमुक्त करने के फैसले के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर हाई कोर्ट में आगे की सुनवाई जारी है.
दिल्ली हाई कोर्ट का बयाान
दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली शराब नीति से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि ईडी के हवाला से जुड़े मामले में आगे कोई सुनवाई तब तक नहीं होगी, जब तक हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती. हाई कोर्ट ने इस मामले में आरोपमुक्त किए गए सभी आरोपियों को नोटिस जारी किया है. इन आरोपियों में Arvind Kejriwal, Manish Sisodia समेत कुल 23 लोग शामिल हैं. सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने राउज़ एवेन्यू कोर्ट के उस आदेश के एक हिस्से पर रोक लगाने का फैसला किया है, जिसमें CBI के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच की सिफारिश की गई थी.
कब है मामले की अगली सुनवाई?
हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि निचली अदालत की कुछ टिप्पणियां तथ्यात्मक रूप से सही नहीं थीं. इसी कारण उस आदेश के कुछ हिस्सों को फिलहाल रोक दिया गया है. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक ईडी से जुड़े हवाला मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपी पूरी तरह से आरोपमुक्त नहीं माने जाएंगे. इस मामले में अगली सुनवाई 16 मार्च को तय की गई है, जिसमें अदालत आगे की दलीलें सुनेगी और मामले पर अगला फैसला लेगी.
क्या है दिल्ली शराब नीति मामला?
दिल्ली की शराब नीति यानी दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति 2021–22 से जुड़ा मामला आम आदमी पार्टी सरकार की नई शराब नीति में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सामने आया था. आरोप लगाया गया था कि इस नीति में बदलाव करके निजी व्यापारियों को फायदा पहुंचाया गया और इसके बदले करीब 100 करोड़ रुपये की रिश्वत ली गई. जांच एजेंसियों का कहना था कि इस वजह से सरकारी खजाने को भी नुकसान हुआ. इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने की थी. जांच के दौरान CBI ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसौदिया समेत कुल 23 लोगों को आरोपी बनाया था. इन पर आरोप था कि नई शराब नीति बनाते समय नियमों में ऐसे बदलाव किए गए जिनसे कुछ निजी कंपनियों को फायदा मिला.


