ओम बिरला को लोकसभा के अध्यक्ष पद से हटाने के लिए लोकसभा में आज सोमवार को कांग्रेस का एक प्रस्ताव लिस्ट किया गया है. विपक्ष खासकर कांग्रेस लंबे समय से बिरला पर सदन में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाती रही है. कांग्रेस के तीन सांसद मोहम्मद जावेद, के सुरेश और मल्लु रवि द्वारा आज ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया जाना है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता के ही एक लेटर ने सबको असमंजस में डाल दिया है.
चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने आज (9 मार्च) को लोकसभा के जनरल सेक्रेटरी को एक लेटर लिखा है. उन्होंने स्थगन प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें उन्होंने आज सदन में मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) के मसले पर गंभीर चर्चा की मांग की है और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की है.
लेटर में मनीष तिवारी ने क्या लिखा
मनीष तिवारी ने अपने लेटर में लिखा कि एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा के लिए मैं सदन की कार्यवाही स्थगित करने का प्रस्ताव रखने की अनुमति की अपील करता हूं. मैं प्रस्ताव करता हूं कि यह सदन प्रश्नकाल, शून्यकाल और दिन की अन्य सभी सूचीबद्ध कार्यवाहियों को स्थगित कर दे ताकि पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष से उत्पन्न गंभीर चिंताओं पर विचार किया जा सके.
इसके अलावा कांग्रेस सांसद ने कहा कि मिडिल ईस्ट में हो रही जंग के चलते भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर इसके प्रभाव पर विचार किया जाना चाहिए. उन्होंने आगे लिखा कि इन बदलते परिदृश्यों को देखते हुए सदन सरकार द्वारा स्थिति के आकलन और भारत के हितों की रक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों पर तत्काल चर्चा चाहता है.
लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ पेश होना है प्रस्ताव
बता दें कि विपक्ष ने बजट सत्र के पहले चरण में लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ नोटिस दाखिल किया था, जिस पर 118 सांसदों ने हस्ताक्षर किए. उस समय तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए थे लेकिन अब पार्टी ने कहा है कि वो लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेगी. वहीं मनीष तिवारी के इस लेटर ने महाभियोग के प्रस्ताव का रुख ही मोड़ दिया है.
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