अमेरिका इजरायल के ईरान पर हमलों के कारण मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता जा रहा है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस पर बयान जारी किया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि भारत सरकार पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में तेजी से बदलती स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है, विशेष रूप से उन भारतीय नागरिकों को ध्यान में रखते हुए जो वहां ट्रांजिट के दौरान या अल्पकालिक यात्रा के दौरान फंस गए हैं.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय अधिकारियों के दिशा-निर्देशों के साथ-साथ अपने स्थान पर स्थित भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास द्वारा जारी की जा रही एडवाइजरी का पालन करें. इन देशों में स्थित भारत के सभी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों ने विस्तृत एडवाइजरी जारी की हैं और 24×7 हेल्पलाइन स्थापित की हैं, जो मौजूदा स्थिति से संबंधित चिंताओं के समाधान में सहायता कर रही है.
विशेष कंट्रोल रूम स्थापित
विदेश मंत्रालय ने सभी प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के सवालों का जवाब देने और स्थिति की निगरानी के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है. सभी हेल्पलाइनों की पूरी जानकारी इस लिंक पर उपलब्ध है https://www.mea.gov.in/press-releases.htmdtl/40846/Special_Control_Room_in_MEA
पिछले कुछ दिनों में कई देशों के एयर स्पेस आंशिक रूप से खुलने के बाद भारतीय और विदेशी एयरलाइंस उड़ानें संचालित कर रही हैं, जिनमें गैर-निर्धारित उड़ानें भी शामिल हैं, ताकि ट्रांजिट में फंसे या अल्पकालिक यात्रा पर गए भारतीय यात्री वापस लौट सकें.
मार्च में अब तक कितने भारतीय लौटे
विदेश मंत्रालय ने बताया कि 1 से 7 मार्च 2026 के बीच अब तक 52,000 से अधिक भारतीय इन उड़ानों के माध्यम से खाड़ी क्षेत्र से सुरक्षित भारत लौट चुके हैं, जिनमें से 32,107 यात्रियों ने भारतीय एयरलाइंस से यात्रा की है. आने वाले दिनों में और उड़ानों की योजना बनाई जा रही है. जिन देशों में वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन उपलब्ध नहीं है, वहां भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे निकटतम उपलब्ध उड़ानों की जानकारी और सलाह के लिए संबंधित भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास से संपर्क करें.
उन्होंने आगे कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. सरकार क्षेत्र के विभिन्न देशों की सरकारों के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि जरूरतमंद लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा सके.
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