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‘BJP के इशारे पर न करें राजनीति’, राष्ट्रपति की नाराजगी पर बोलीं CM ममता, कहा- साल में एक बार..
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‘BJP के इशारे पर न करें राजनीति’, राष्ट्रपति की नाराजगी पर बोलीं CM ममता, कहा- साल में एक बार..

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बंगाल दौरे के दौरान सीएम ममता बनर्जी उन्हें रिसीव करने नहीं पहुंची, जिसे लेकर अब देश में राजनीति गरमा गई है. राष्ट्रपति ने मुर्मू सीएम ममता को छोटी बहन बताया और स्वागत के लिए न पहुंचने पर हैरानी जताई. इस पर टीएमसी चीफ ने तीखी प्रतिक्रिया दी कि अगर राष्ट्रपति मुर्मू चुनाव के दौरान आती हैं तो मेरे लिए उनके कार्यक्रमों में शामिल होना संभव नहीं होगा. उन्होंने कहा, ‘अगर आप साल में एक बार आती हैं तो मैं आपका स्वागत कर सकती हूं, लेकिन अगर आप चुनाव के दौरान आती हैं तो मेरे लिए आपके कार्यक्रमों में शामिल होना संभव नहीं होगा क्योंकि मैं लोगों के अधिकारों के लिए काम कर रही हूं.’

बीजेपी के इशारे पर राजनीति न करें: ममता

सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी इतनी घटिया हरकत पर उतर आई है कि वह पश्चिम बंगाल को बदनाम करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने कहा, ‘माननीय राष्ट्रपति महोदया, हम आपका आदर करते हैं, लेकिन चुनाव के दौरान बीजेपी के इशारे पर राजनीति न करें. मणिपुर और बीजेपी शासित अन्य राज्यों में आदिवासियों पर अत्याचार हो रहा था, तब राष्ट्रपति मुर्मू चुप क्यों थी? आपको पश्चिम बंगाल के आदिवासियों के लिए किए गए विकास कार्यों की जानकारी नहीं है.’

‘राज्य सरकार ने किसी कार्यक्रम को रोकने की कोशिश नहीं की’

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बयान पर टीएमसी चीफ ने कहा, ‘पश्चिम बंगाल पर टिप्पणी करने से पहले आपको बीजेपी शासित राज्यों की स्थिति देखनी चाहिए. केवल एक राजनीतिक दल की बात सुनकर टिप्पणी करना सही नहीं है.’ उन्होंने सवाल उठाया कि राजस्थान और महाराष्ट्र में आदिवासियों के साथ कथित अत्याचार के मामलों में राष्ट्रपति ने सवाल क्यों नहीं उठाए. उन्होंने साफ किया कि राज्य सरकार ने किसी कार्यक्रम को रोकने की कोशिश नहीं की थी और न ही उस आयोजन से उनका कोई संबंध था.

राष्ट्रपति ने अल्पसंख्यकों के बारे में कभी नहीं सोचा: ममता 

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, ‘आपने (राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू) अल्पसंख्यकों के बारे में कभी नहीं सोचा. आपने अनुसूचित जाति, बौद्ध, पंजाबी, पारसी, जैन या यहां तक ​​कि हिंदुओं के बारे में कुछ नहीं कहा. आपको राजनीति करना आता है. हमें राजनीति करना नहीं आता. मैं डेरेक ओ ब्रायन और सुदीप बंदोपाध्याय (दोनों राज्यसभा सांसद) से कहूंगी कि वे द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मांगें और आदिवासी लोगों, विशेषकर संथाली लोगों के लिए हमने जो काम किया है, उसे प्रस्तुत करें.’

सीएम ममता बनर्जी ने कहा, ‘जब आदिवासियों पर अत्याचार होते हैं तो विरोध क्यों नहीं करते? मध्य प्रदेश या छत्तीसगढ़ में ऐसा होने पर विरोध क्यों नहीं करते? पहले उनके लिए कुछ कीजिए फिर कुछ बोलिए. बीजेपी के इशारे पर चुनाव के समय राजनीति मत करें.’



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