कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ईरान-अमेरिका-इजरायल जंग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर फिर से निशाना साधा है. उन्होंने X पर पोस्ट करके कहा कि दुनिया अब एक अस्थिर दौर में प्रवेश कर चुकी है और आगे मुश्किलें बढ़ेंगी. राहुल ने भारत की तेल सप्लाई पर खतरे का जिक्र किया और PM की चुप्पी पर सवाल उठाया है.
होर्मुज स्ट्रेट की वजह से खतरे में भारत की तेल सप्लाई
राहुल गांधी ने लिखा, ‘दुनिया एक अस्थिर दौर में प्रवेश कर चुकी है. आगे तूफानी समुद्र हैं. भारत की तेल सप्लाई खतरे में है, क्योंकि 40% से ज्यादा इंपोर्ट स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरता है. LPG और LNG की स्थिति तो और भी खराब है. जंग अब हमारे पिछवाड़े तक पहुंच गई है, जहां भारतीय महासागर में ईरानी युद्धपोत डुबो दिया गया. फिर भी प्रधानमंत्री ने कुछ नहीं कहा. ऐसे वक्त में हमें एक मजबूत हाथ की जरूरत है, लेकिन भारत के पास एक समझौतावादी प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने हमारी रणनीतिक स्वायत्तता सरेंडर कर दी है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से तेल महंगा
ईरान से भारत की तेल इंपोर्ट बहुत ज्यादा है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर खतरा बढ़ने से ऑयल प्राइसेज आसमान छू रहे हैं. राहुल ने जिस ईरानी जहाज का जिक्र किया, वो IRIS Dena है, जो अमेरिकी पनडुब्बी ने भारतीय महासागर में डुबो दिया. वो जहाज भारत के MILAN 2026 नेवल एक्सरसाइज से लौट रहा था और इसमें 82 से ज्यादा सैनिकों की मौत हो गई.
PM मोदी की चुप्पी के क्या मायने?
राहुल गांधी पहले भी विदेश नीति पर PM मोदी को घेरते रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि PM की चुप्पी से भारत की स्ट्रैटेजिक इंडिपेंडेंस कमजोर हो रही है. कांग्रेस ने भी इस पर सपोर्ट किया और कहा कि सरकार को संसद में जवाब देना चाहिए. हालांकि बीजेपी ने इसे ‘राजनीति’ बताकर खारिज कर दिया. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि PM की साइलेंस स्ट्रैटेजिक है और भारत न्यूट्रल रहकर काम कर रहा है.


