कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जोरहाट से सांसद और एपीसीसी के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में असम की बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला. प्रेस कॉन्फ्रेंस कांग्रेस भवन में हुई. इस दौरान उन्होंने बीजेपी की असम सरकार की कड़ी आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की महिलाएं मौजूदा सरकारी योजनाओं से खुश नहीं है.
उन्होंने दावा करते हुए कहा, असम में महिलाएं मौजूदा गवर्नेंस सिस्टम से बिल्कुल खुश नहीं हैं. उनके वेलफेयर के लिए बनाई गई स्कीमें अब उन्हें कंट्रोल करने का जरिया बन गई है. यानी अगर सरकारी योजनाओं का फायदा लेना है तो कथित तौर पर राजनीतिक बैठकों में शामिल होना होगा. उन्हें इसके लिए मजबूर किया जा रहा है.
गौरव गोगोई ने किए कई दावे, बीजेपी सरकार को लिया आड़े हाथ
गौरव गोगोई ने कहा कि कई महिलाएं घर की जिम्मेदारियों और व्यवसाय से जुड़े कामों के बीच ठीक से तालमेल नहीं बैठा पा रही है. इसकी वजह है कि यहां की रूलिंग पार्टी बीजेपी की बैठकों में शामिल होना जरूरी होता है. इस तरह की व्यवस्था ने महिलाओं पर आर्थिक और मानसिक बोझ डाला है.
उन्होंने साथ ही कहा कि पहले की सरकारें कल्याणकारी योजनाएं बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के लागू की जाती थीं. लाभार्थियों से कभी नहीं पूछा जाता था कि वो किस पार्टी को समर्थन करते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाएं राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए मजबूर महसूस करती हैं.
गोगोई के अनुसार कांग्रेस पार्टी का लक्ष्य इस बंधन को तोड़ना है. यह सुनिश्तिच करना है कि पार्टी के समर्थन के बावजूद हर योग्य नागरिक को सरकारी सहायता मिले. उन्होंने कहा कि भविष्य में कांग्रेस के नेतृत्व वाली पहल राजनीतिक शर्तों के बिना समावेशी कल्याणकारी नीतियों पर ध्यान केंद्रित करेगी.
राज्य में तेजी से बढ़ रहा अपराध
इसके अलावा गोगोई ने असम में बढ़ते क्राइम रेट पर भी चिंता व्यक्त की है. उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाएं बढ़ीं है. कई मामलों में एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है. जबकि गृह विभाग खुद मुख्यमंत्री के पास है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद गौरव गोगोई ने जोरहाट में समय परिवर्तन यात्रा में हिस्सा लिया. इस दौरान करीबन 2 हजार लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए.
बीजेपी सरकार का क्या है दावा?
इधर बीजेपी सरकार का दावा है कि राज्यभर में कई लाख महिलाओं को आर्थिक मदद, बेसिक फूड और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के तहत फायदा पहुंचाया जा रहा है.


