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दिल्ली और शिमला पुलिस आपस में क्यों भिड़ी, कब, क्यों और कैसे हुआ टकराव, आगे क्या होगा? जानें सब
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दिल्ली और शिमला पुलिस आपस में क्यों भिड़ी, कब, क्यों और कैसे हुआ टकराव, आगे क्या होगा? जानें सब

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हिमाचल प्रदेश पुलिस और दिल्ली पुलिस के बीच बुधवार (25 फरवरी 2026) को टकराव उस समय बढ़ गया, जब दिल्ली पुलिस की एक टीम को शिमला के पास शोगी बैरियर पर रोक लिया गया. यह टीम 20 फरवरी को नई दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए शर्टलेस प्रदर्शन से जुड़े मामले में गिरफ्तार किए गए यूथ कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं को दिल्ली ले जा रही थी. शिमला पुलिस ने 15–20 सादे कपड़ों में आए अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया. आरोप है कि रोहड़ू क्षेत्र के एक रिजॉर्ट से तीन युवकों को बिना उचित दस्तावेजों के जबरन ले जाया गया. पुलिस के बयान के अनुसार, टीम ने रिजॉर्ट का सीसीटीवी डीवीआर भी बिना किसी रसीद या जब्ती मेमो के अपने साथ ले लिया.

दिल्ली पुलिस ने इससे पहले कहा था कि उसकी स्पेशल सेल ने सौरभ, सिद्धार्थ और अरबाज को रोहड़ू उपमंडल के चिरगांव इलाके के एक होटल से हिरासत में लिया था. दिल्ली के एक अधिकारी के अनुसार, तीनों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें आगे की जांच के लिए दिल्ली ले जाने हेतु ट्रांजिट रिमांड दी गई. ताजा जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस टीम गुरुवार तड़के शिमला की एक स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड हासिल करने के बाद आरोपियों को लेकर दिल्ली रवाना हो गई. दिल्ली पुलिस के वकील नंद लाल ने कहा कि आरोपियों को प्रक्रिया के अनुसार दिल्ली में मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा.

पहले क्या हुआ जानें पूरा टाइमलाइट

20–23 फरवरी 2026 को क्या हुआ

बताया गया कि तीनों इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) सदस्य 20 फरवरी को दिल्ली में आयोजित एआई समिट के दौरान हुए कथित शर्टलेस विरोध प्रदर्शन में शामिल थे. अन्य की गिरफ्तारी के बाद ये तीनों हिमाचल प्रदेश चले गए और शिमला में ठहरे हुए थे. दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू कर उन्हें हिरासत में लेने की कार्रवाई की.

24–25 फरवरी को दिल्ली पुलिस टीम शिमला पहुंची

करीब 15–20 दिल्ली पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में शिमला जिले के चिरगांव क्षेत्र पहुंचे. वे मंडली गांव स्थित एक रिजॉर्ट में गए, जहां तीनों यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता ठहरे हुए थे.

25 फरवरी सुबह जबरन कार्रवाई

आरोप है कि दिल्ली पुलिस टीम तीनों युवकों और उनकी थार गाड़ी को अपने साथ ले गई. साथ ही, बिना किसी जब्ती मेमो, रसीद, वारंट या ट्रांजिट रिमांड दस्तावेज के मौके से सीसीटीवी डीवीआर भी हटाया गया.

स्थानीय पुलिस का हस्तक्षेप

रिजॉर्ट प्रबंधन की शिकायत के बाद हिमाचल प्रदेश पुलिस ने शिमला–कालका हाईवे पर शोगी बैरियर के पास दिल्ली पुलिस की टीम को रोक लिया, जब वे चंडीगढ़/दिल्ली की ओर जा रहे थे.

शिमला और दिल्ली पुलिस के बीच पहला टकराव

हिमाचल पुलिस ने ऑपरेशन की वैधता और प्रक्रियात्मक कमियों पर सवाल उठाए और कथित तौर पर कई घंटों तक दिल्ली पुलिस कर्मियों को पूछताछ के लिए रोके रखा. करीब 20 लोगों, जिनमें पुलिसकर्मी भी शामिल थे, उनसे पूछताछ की गई. एक वीडियो में दिल्ली पुलिस अधिकारी कहते सुनाई देते हैं कि हमने आज सुबह 5 बजे आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 24 घंटे के भीतर कोर्ट में पेश करना है, लेकिन आपने रात 8 बजे FIR दर्ज कर हमें रोक लिया. हिमाचल पुलिस अधिकारियों ने वीडियो में कहा कि मैंने सुबह आपसे कानूनी दस्तावेज मांगे थे, लेकिन आपने न तो कोई दस्तावेज दिखाया, न FIR नंबर और न ही ट्रांजिट रिमांड ली.

शिमला के कोर्ट में कार्यवाही

मामला स्थानीय अदालत पहुंचा, जहां औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दिल्ली पुलिस को तीनों आरोपियों के लिए ट्रांजिट रिमांड मिल गई. इसके बाद टीम को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई और रोके गए कर्मियों को रिहा किया गया.

शिमला और दिल्ली पुलिस का दूसरा टकराव

उसी दिन बाद में शिमला पुलिस ने टीम को फिर शोगी पर रोका. एक और विवाद हुआ और चिरगांव थाने में दिल्ली पुलिस कर्मियों के खिलाफ कथित अपहरण और प्रक्रियात्मक उल्लंघन के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई.

शिमला और दिल्ली पुलिस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज

अधिकारियों के अनुसार, हिरासत में लिए गए तीन यूथ कांग्रेस सदस्यों में से दो दिल्ली FIR में नामजद आरोपी हैं, जबकि तीसरे को साजिशकर्ता बताया गया है. इस पूरे घटनाक्रम ने दोनों राज्यों की पुलिस के बीच तनाव को बढ़ा दिया है. दोनों पक्ष एक-दूसरे पर जांच में बाधा डालने और कानूनी प्रक्रियाओं का उल्लंघन करने के आरोप लगा रहे हैं. मामले को लेकर शिमला पुलिस ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-2 एकांश कपिल की अदालत में एक निजी शिकायत भी दायर की है. इस मामले की सुनवाई गुरुवार को शिमला में निर्धारित है.



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