पोखरण फायरिंग रेंज में शुक्रवार (27 फरवरी) को होने जा रही भारतीय वायुसेना की सबसे घातक एक्सरसाइज वायुशक्ति से स्वदेशी एलसीए तेजस फाइटर जेट बाहर हो गया है क्योंकि गुजरात के नलिया एयरबेस पर हुई दुर्घटना के बाद वायुसेना के सभी तेजस लड़ाकू विमानों को ग्राउंडेड कर दिया गया है.
7 फरवरी को नलिया में लैंडिंग के वक्त, तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. ऐसे में टेक्निकल खामी का पता लगाने के लिए, वायुसेना के सभी लाइट कॉम्बेट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस की उड़ान पर रोक लगा दी गई है. पिछले दो वर्षों में एलसीए तेजस की ये तीसरी दुर्घटना की घटना थी. इससे पहले पिछले साल दुबई एयर शो में भी एक एलसीए तेजस क्रैश हो गया था. वर्ष 2024 में भी पोखरण फायरिंग रेंज में एक एक्सरसाइज के दौरान, तेजस क्रैश हो गया था.
इस बीच, ओपन सोर्स इंटेलिजेंस में नलिया एयरबेस की सैटेलाइट तस्वीर जारी कर, तेजस के क्षतिग्रस्त मलबे को जारी कर दिया गया है. माना जा रहा है कि दुर्घटना के दौरान, तेजस के एयरफ्रेम क्षतिग्रस्त हो गए थे और जांच पूरी होने तक रनवे के करीब पड़े हुए हैं. घटना के बाद हालांकि, तेजस बनाने वाली सरकारी एविएशन कंपनी, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने दावा किया था कि तकनीकी खराबी के चलते, मामूली दुर्घटना हुई है.
शुक्रवार को होने वाली वायुशक्ति एक्सरसाइज में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और रक्षा मंत्री राजनाथ, वायुसेना की ताकत की समीक्षा करेंगे. इस दौरान वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी पोखरण में मौजूद रहेंगे. भारतीय वायुसेना के 77 फाइटर जेट और 43 हेलीकॉप्टर एक साथ करीब 12 हजार किलो बारूद के जरिए पूरी दुनिया को अपना फायर-पावर डेमो दिखाने जा रहे हैं.
दो वर्ष में एक बार होने वाली वायुशक्ति एक्सरसाइज में इस वर्ष रफाल (राफेल) और सुखोई जैसे लड़ाकू विमान हिस्सा लेंगे. एक्सरसाइज के दौरान ऑपरेशन सिंदूर (7-10 मई) में किए गए हमलों को भी पोखरण रेंज में सिम्युलेट किया जाएगा. साथ में देशवासियों को वायुसेना की ताकत से रूबरू करा जाएगा. एक्सरसाइज का एक उद्देश्य, देश के युवाओं को वायुसेना के प्रति आर्कषित करना भी है.
एक्सरसाइज के जरिए चीन और पाकिस्तान को भी एक मैसेज देने की तैयारी है क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, चीन और पाकिस्तान का भारत के खिलाफ गठजोड़ देखा गया था. चीन के फाइटर जेट और एयर टू एयर मिसाइलों के अलावा सैटेलाइट ने भी भारतीय वायुसेना के मूवमेंट की जानकारी पाकिस्तान से साझा की थी.
पहलगाम नरसंहार (22 अप्रैल, 2025) का बदला लेने के लिए भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद और लश्कर ए तैयबा के हेडक्वार्टर को तबाह करने के साथ, पाकिस्तान के 11 एयरबेस और दो रडार स्टेशन को जबरदस्त बमबारी से बर्बाद किया था. ऑपरेशन सिंदूर के बाद, भारतीय वायुसेना ने कई बड़ी एक्सरसाइज का आयोजन किया है, लेकिन वायुशक्ति के जरिए इतना बड़ा फायर पावर डेमो पहली बार किया जा रहा है.


