बेंगलुरु में एक ऐसी ठगी का मामला सामने आया है, जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. दरअसल केंद्रीय जीएसटी कार्यालय में आउटसोर्सिंग आधार पर कार्यरत दो हाउसकीपिंग कर्मचारियों ने खुद को इंटेलिजेंस ऑफिसर बताकर शहर के व्यापारियों से लाखों रुपये की वसूली की. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर उनके पास से 5 लाख रुपये नकद और फर्जी सरकारी पहचान पत्र बरामद किए हैं.
यह घटना बनशंकरी स्थित ऑफिस ऑफ द प्रिंसिपल कमिश्नर ऑफ सेंट्रल टैक्स (GST) बेंगलुरु वेस्ट कमिश्नरेट की है. आरोपी वहीं हाउसकीपिंग स्टाफ के रूप में काम करते थे. कार्यालय की कार्यप्रणाली और प्रक्रियाओं की जानकारी होने के कारण उन्होंने कर प्रवर्तन एजेंसियों के नाम से फैले डर का फायदा उठाने की साजिश रची.
फर्जी आईडी कार्ड बनाकर की ठगी
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों ने Intelligence Officer, GST & CLTS लिखे प्रोफेशनल दिखने वाले फर्जी आईडी कार्ड तैयार कर लिए. इसके बाद वे खुद को केंद्र सरकार के इंटेलिजेंस अधिकारी बताकर गुटखा व्यापारियों को निशाना बनाने लगे. उन्होंने एक व्यापारी को कानूनी कार्रवाई और छापेमारी की धमकी देकर डराया और मामला सेटल करने के नाम पर लाखों रुपये वसूल लिए.
जीएसटी कार्यालय के अधिकारियों को जब दोनों की गतिविधियों पर संदेह हुआ तो 17 फरवरी 2026 को बनशंकरी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई. जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों को उसी कमरे से हिरासत में लिया, जो उन्हें कार्यालय परिसर में आवंटित था. गिरफ्तारी की खबर से कार्यालय कर्मचारियों में भी हड़कंप मच गया.
पुलिस ने दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार
पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उन्होंने फर्जी अधिकार का इस्तेमाल कर जल्दी पैसा कमाने के उद्देश्य से यह योजना बनाई थी. पुलिस ने जब्त की चीजों में इंटेलिजेंस ऑफिसर लिखे तीन फर्जी सरकारी पहचान पत्र और 5 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं. दोनों आरोपियों को 18 फरवरी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें छह दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया. पूछताछ के बाद 23 फरवरी को उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या अन्य व्यापारी भी इस गिरोह का शिकार बने हैं.
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