तेलंगाना में आज (16 फरवरी) को नगर निगम अध्यक्ष और मेयर पदों के लिए हो रहे चुनाव के बीच राजनीति का एक बेहद उग्र चेहरा सामने आया है. सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे जनगांव जिले के पेंबर्ती बाईपास पर उस समय स्थिति ‘एक्शन फिल्म’ जैसी हो गई, जब कांग्रेस सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी और उनके समर्थकों ने थोरूर नगर पालिका के बीआरएस (BRS) पार्षदों को ले जा रही बस को बीच सड़क पर रोक दिया. इस दौरान पूर्व मंत्री एर्राबल्ली दयाकर राव और कांग्रेस समर्थकों के बीच जमकर धक्कामुक्की और बहस हुई, जिससे नेशनल हाईवे पर घंटों तनाव बना रहा.
क्या है पूरा मामला
ये घटना उस समय की है जब थोरूर नगर पालिका के निर्वाचित बीआरएस पार्षद शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे. आरोप है कि सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी ने अपने अनुयायियों के साथ मिलकर बस का रास्ता रोका और पार्षदों को आगे बढ़ने से मना किया. बीआरएस नेताओं ने इसे ‘सत्ता का खुला दुरुपयोग’ और ‘गुंडागर्दी’ करार दिया है.
पूर्व मंत्री एर्राबल्ली दयाकर राव ने मौके पर ही कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए. पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी और आखिर में पुलिस सुरक्षा के बीच पार्षदों की बस को थोरूर के लिए रवाना किया गया.
‘कैंप पॉलिटिक्स’ और पार्षदों की खरीद-फरोख्त का डर
इस पूरे विवाद की जड़ में तेलंगाना नगर निकाय चुनाव के नतीजे हैं. थोरूर और जनगांव जैसी नगर पालिकाओं में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, जिसके कारण ‘कैंप पॉलिटिक्स’ और पार्षदों की खरीद-फरोख्त का डर चरम पर है. थोरूर में बीआरएस और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर है और एक-एक वोट अध्यक्ष पद की कुर्सी तय करने के लिए महत्वपूर्ण है. बीते कुछ दिनों से दोनों दलों ने अपने पार्षदों को गुप्त स्थानों पर रखा हुआ था और आज मतदान के दिन उन्हें सीधे केंद्र पर लाया जा रहा था.
तेलंगाना में स्थानीय निकाय चुनाव हमेशा से प्रतिष्ठा की लड़ाई रहे हैं. हालिया विधानसभा चुनावों में जीत के बाद कांग्रेस अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है, जबकि बीआरएस अपना खोया हुआ जनाधार बचाने की कोशिश में है.
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