टीपू सुल्तान को लेकर छिड़े विवाद पर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी का बयान सामने आया है. यह विवाद महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के बयान के बाद सामने आया है. इसमें टीपू सुल्तान को छत्रपति शिवाजी महाराज के समान बताने पर विवाद हो गया. बीजेपी ने इस बयान को जहां शर्मनाक बताया, तो वहीं ओवैसी ने टीपू सुल्तान को शहीद बताया है.
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि टीपू सुल्तान अंग्रेजों से लड़ते हुए शहीद हुए. अंग्रेजों को लव लेटर नहीं लिखे. जैसे वीर सावरकर ने किया था. उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया, जिसमें उन्होंने माफी मांगी हो. या जो अंग्रेजों के कहे अनुसार उसे करने का वादा किया हो. टीपू सुल्तान ने अपनी तलवार उठाई और अंग्रेजों से अपने देश को आजाद कराने की लड़ाई में शहीद हो गए. अंग्रेजों को टीपू से इतना डर था. डेढ़ घंटे तक टीपू की लाश पड़ी रही. अंग्रेजों की हिम्मत नहीं हुई, उसके पास जाने की. टीपू सुल्तान की जो अंगूठी निकली थी, उस पर राम लिखा हुआ था.
पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम का भी किया जिक्र
इसके अलावा ओवैसी ने पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि एपीजे अब्दुल कलाम ने अपनी किताब विंग्स ऑफ फायर में लिखा था कि आज भारत के पास जो भी मिसाइल और रॉकेट टेक्नोलॉजी उससे हम टीपू सुल्तान का सपना पूरा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अब्दुल कलाम तो आपके हीरो हैं न. चलो यह भी मत मानो. महात्मा गांधी ने अपनी यंग एज मैगजीन में लिखा था कि टीपू सुल्तान हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल हैं. अब क्या गांधी को झूठा बोलोगे आप?
देवेंद्र फडणवीस को इतिहास दुरुस्त करने की दी नसीहत
इस दौरान अपने भाषण में ओवैसी ने देवेंद्र फडणवीस को इतिहास दुरुस्त करने की नसीहत दी. साथ ही कहा कि शायद सीएम साहब ज्यादा पढ़ते नहीं होंगे. व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी की पीएचडी उनके पास होगी. भारत के सबसे पहले बने संविधान की प्रति में कुछ महत्वपूर्ण शख्सियतों की फोटो है. इसमें एक टीपू सुल्तान की भी तस्वीर है. उसपर नेहरू, पटेल, अंबेडकर जैसे लोगों के साइन हैं. तो फडणवीस साहब वो पढ़ लो आप. जब पटेल साहब उस संविधान पर साइन कर रहे, तो पटेल बड़े हैं, कि आप बड़े हैं, यह बता दो? अंबेडकर साहब साइन कर रहे, तो आप बड़े हैं, कि अंबेडकर साहब?
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने क्या कहा था ?
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि स्वराज्य की स्थापना करके छत्रपति शिवाजी महाराज ने आम लोगों को मुगलों को शासन से मुक्त कराया. अपना राज्य बनाया. ऐसे महान व्यक्ति की तुलना टीपू सुल्तान से करना बेहद ही निंदनीय है.


