प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार (14 फरवरी) असम के डिब्रूगढ़ में देश की पहली हाईवे इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर वायुसेना के मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (C-130J Super Hercules) से लैंड किया. ये फैसिलिटी ऊपरी असम में एक हाईवे स्ट्रिप पर बनाई गई है, जो इमरजेंसी में लड़ाकू विमानों, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टरों के लिए वैकल्पिक लैंडिंग की जगह देगी.
इस इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी को पूर्वोत्तर भारत की रक्षा और रणनीतिक तैयारी में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी एक ऐसा हाईवे स्ट्रिप होता है जहां सामान्य वक्त में गाड़ियां चलती हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसे रनवे में बदलकर विमान उतारे और उड़ाए जा सकते हैं. बता दें कि डिब्रूगढ़ ELF असम के ऊपरी हिस्से में है, जो भारत-चीन सीमा के बहुत करीब है. चीन से सटी एलएसी की दूरी सिर्फ 240 किलोमीटर है.
हाईवे स्ट्रिप पर उतरे राफेल, सुखोई-30 MKI
राफेल, सुखोई-30 MKI, C-130J सुपर हरक्यूलिस ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, डोर्नियर सर्विलांस विमान एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) ये सभी जेट हाईवे स्ट्रिप पर सफलतापूर्वक उतरे और उड़े. इसके अलावा हेलीकॉप्टरों से घायलों को निकालने (कैजुअल्टी इवैक्यूएशन) की भी प्रैक्टिस की गई. यह सुविधा युद्ध के साथ-साथ मानवीय सहायता मिशनों में भी काम आएगी.
Assam witnesses a historic moment as Prime Minister Narendra Modi lands at the Emergency Landing Facility (ELF) on Moran Bypass in Dibrugarh. Here, he will witness the aerial display of fighters, transports and helicopters. The ELF is the first of its kind in Northeast India.… pic.twitter.com/araUYtFITx
— ANI (@ANI) February 14, 2026
देशभर में 28-29 ELF बनाने की योजना
बता दें कि साल 2021 में भी उत्तर प्रदेश में बनी इसी तरह के स्ट्रिप पर पीएम मोदी ने विमान से लैंडिंग की थी. यह सेना की क्षमता का प्रदर्शन भी है. वायुसेना ने देशभर में ऐसी 28-29 ELF बनाने का प्रोजेक्ट तैयार किया है. बता दें कि 15 बनकर तैयारी हो चुकी हैं. असम में जिस इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी पर पीएम मोदी ने लैंड किया, उसका सबसे नजदीकी एयरबेस झाबुआ है जहां सुखोई तैनात रहते हैं.
दरअसल नॉर्थ ईस्ट भारत की संवेदनशील सीमाओं चीन, म्यांमार और बांग्लादेश से सटा है. ऐसे में ये प्रोजेक्ट्स दुश्मनों के हमले से बचाव करेंगे. भारतीय सेना को तेज रिस्पॉन्स और बेहतर लॉजिस्टिक्स मिलने के अलावा आमजनों के लिए भी कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएंगे.
ये भी पढ़ें
‘लोग मुख्यमंत्री चुनेंगे, प्रधानमंत्री नहीं…’, पीएम मोदी के असम दौरे से पहले गौरव गोगोई ने कसा तंज


