बांग्लादेश में हुए 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में बीएनपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. इस चुनाव में बांग्लादेश की राजनीति के जाने माने चेहरों को हार का सामना करना पड़ा है. इसमें वो नेता शामिल हैं, जो राष्ट्रीय स्तर की राजनीति, टीवी शो, प्रदर्शन और सोशल मीडिया पर काफी छाए रहे. लेकिन जब चुनाव के रिजल्ट आए तो उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा है. आइए जानते हैं, कौन हैं वो राजनीतिक चेहरे जिन्हें जनता ने पूरी तरह से नकार दिया है.
इन नेताओं को करना पड़ा हार का सामना
- जमात ए इस्लामी के सचिव जनरल गुलाम परवार को हार का सामना करना पड़ा है. उन्होंने तराजू के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ा था. उन्हें कुल 144,956 वोट मिले. उन्हें बीएनपी के उम्मीदवार मोहम्मद अली असगर लॉबी ने हराया. मोहम्मद अली इस चुनाव को 2,702 के मामूली अंतर से जीते.
- युवा वोटर में लोकप्रिय चेहरा सरजिस आलम को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है. उन्होंने इस साल काफी सुर्खियां बटोरी थी. उन्हें इंटरनेशनल अफेयर्स की सेक्रेटरी बैरिस्टर नवशाद जमीर ने हराया. नवशाद जमीर को धान के गट्ठर के निशान के साथ 22,134 वोट मिले, जबकि सरजिस आलम को 20,199 वोट मिले.
- तस्नीम जारा सोशल एक्टिविज्म और सोशल मीडिया पर जाना पहचाना चेहरा रहीं. उन्हें बीएनपी के उम्मीदवार हबीबुर राशिद ने बड़े अंतर से हराया.
- देश में इस्लामी आंदोलन के वरिष्ठ नेता नायाब ए अमीर मुफ्ती सैयद मोहम्मद फैजुल करीम दो सीटों से चुनाव लड़े. इनमें बारीसाल 5 और बारीसाल 6 हैं. दोनों सीटों से उन्हें हार का सामना करना पड़ा है. उन्हें बारीसाल-5 से बीएनपी के उम्मीदवार मुजीबुर रहमान सरवर ने 40 हजार के अंतर से हराया. वहीं, बारीसाल-6 में उन्हें बीएनपी के अबुल हुसैन खान ने 80 हजार से ज्यादा के अंतर से हराया.
- देश का सबसे चर्चित चुनाव ढाका-8 में हुआ. यहां एनसीपी के नासिर उद्दीन पटवारी का मुकाबला बीएनपी मिर्जा अब्बास से हुआ. मिर्जा अब्बास ने 5 हजार से ज्यादा वोट के मामूली अंतर से उन्हें हराया.
- रंगपुर-3 जातीय पार्टी के प्रमुख जीएम कादर को जमात ए इस्लामी के उम्मीदवार महबूबुर रहमान बेलाल ने हराया.
- सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील मोहम्मद शिशिर मनीर सुनामगंज-2 से अपना चुनाव हार गए. उन्हें 40 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया है.
- बांग्लादेश पार्टी के उम्मीदवार बैरिस्टर फुआद जिन्हें असदुज्जमां भुइयां के नाम से जाना जाता है, उनके लिए यह चुनाव बेहद ही नकारात्मक साबित हुआ. बारिसाल-3 में उन्हें 21 हजार वोटों से हार का सामना करना पड़ा. इस चुनाव को बीएनपी के जैनल आबेदीन ने हराया.
- मुजीबुर रहमान अपने ही चुनावी क्षेत्र में हार गए. उन्हें बीएनपी के उम्मीदवार प्रोफेसर जैनल आब्दीन ने हराया. धार्मिक राजनीति का चेहरा और बांग्लादेश खिलाफत मजलिस के उम्मीदवार मामुनुल हक को ढाका-13 सीट से बीएनपी के बॉबी हज्जाज ने हराया.
- इनके अलावा महमूदुर रहमान मन्नाबोगरा को करारी हार का सामना करना पड़ा है. उन्हें खुल 4 हजार से भी कम वोट मिले. उनकी जमानत जब्त हो गई. इस चुनाव में बीएनपी उम्मीदवार मीर शाहे आलमत 1 लाख 45 हजार से ज्यादा वोटों से जीते. अब्दुल लतीफ सिद्दीकी ने तांगैल-4 से निर्दलीय चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें बीएनपी के लुत्फार रहमान मतीन से हार का सामना करना पड़ा.
- ढाका-12 से जमात के उम्मीदवार सैफुल आलम ने चुनाव लड़ा. उन्होंने बीएनपी समर्थित गठबंधन उम्मीदवार सैफुल हक को बड़े अंतर से हराया.


