संयुक्त राष्ट्र सुरक्ष परिषद ने बीते दिनों 2734 रेजोल्यूशन के तहत संयुक्त राष्ट्र की विश्लेषणात्मक सहयोग और प्रतिबंध निगरानी टीम ने अपनी 37 वीं रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र में पेश की. पेश रिपर्ट में संयुक्त राष्ट्र की एक्सपर्ट टीम ने एबीपी न्यूज के दो खुलासों पर मुहर लगायी. अपनी रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र की विश्लेषणात्मक सहयोग और प्रतिबंध निगरानी टीम ने एबीपी न्यूज़ की तरफ से 9 अक्टूबर 2025 को सबसे पहले आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद की महिला विंग पर किए गए खुलासे पर मुहर लगाते हुए जानकारी दी कि वैश्विक आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने भारत पर आतंकी हमला करने के इरादे से अपनी महिला विंग जमात उल मोमिनत का गठन किया है.
देश की राजधानी दिल्ली में 10 नवंबर को आतंकी डॉक्टर उमर की ओर से किए हाए आत्मघाती कार ब्लास्ट पर सबसे पहले एबीपी न्यूज ने ही 12 नवंबर को जानकारी दी थी कि इस मोड्यूल के पीछे जैश ए मोहम्मद और आतंकी मसूद अजहर का भाई अम्मार अल्वी शामिल है. अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की इस टीम ने भी एबीपी न्यूज की खबर पर मुहर लगाते हुए जानकारी दी कि दिल्ली ब्लास्ट आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद की ओर से करवाया गया था.
जैश ए मोहम्मद को लेकर पाकिस्तान का झूठ
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की विश्लेषणात्मक सहयोग और प्रतिबंध निगरानी टीम ने अपनी रिपोर्ट में बिना पाकिस्तान का नाम लिए जानकारी दी है की एक सदस्य देश ने दावा किया की जैश ए मोहम्मद अब डिफंक्ट है. हालांकि पाकिस्तान का ये दावा कितना झूठा और वैश्विक एजेंसी की आंख में धूल झोंकने वाला है. इस बात का भी खुलासा एबीपी न्यूज़ 7 फरवरी को सबूतों के साथ कर चुका है कि पाकिस्तान दुनिया के सामने बताता है कि जैश ए मोहम्मद पाकिस्तान में खत्म हो चुका है, प्रतिबंधित है, लेकिन यही आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख़्वाह प्रांत के चरसड्डा और स्वाबी जिले, सिंध प्रांत के नवाबशाह और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के रावलकोट में खुलेआम अपने झंडों के साथ रोडशो निकाल रहा है और भारत पर हमले की धमकी दे रहा है.


