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बंगाल सरकार के वकील बीमार, नहीं हुई I-PAC रेड मामले की सुनवाई, SC ने तय की 8 दिन बाद की तारीख
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बंगाल सरकार के वकील बीमार, नहीं हुई I-PAC रेड मामले की सुनवाई, SC ने तय की 8 दिन बाद की तारीख

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पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म आई-पैक रेड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (10 फरवरी, 2026) को सुनवाई नहीं की. कोर्ट ने सुनवाई के लिए 18 फरवरी की तारीख तय की है. यह सुनवाई प्रवर्तन निदेशालय की उस याचिका पर होनी है, जिसमें आरोप लगाया गया कि 8 जनवरी को आईपैक के ऑफिस और उसके को-फाउंडर प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी के दौरान बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बाधा डालने की कोशिश की थी. उन्होंने कहा कि वह आला अधिकारियों के साथ रेड वाली जगह पहुंच गईं और रेड नहीं होने दी.

मंगलवार को जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच मामले पर सुनवाई करने वाली थी, लेकिन बेंच को जानकारी मिली की सीनियर एडवोकेट कपिल सिबल की तबीयत ठीक नहीं है, जिसके बाद कोर्ट ने सुनवाई 18 फरवरी के लिए स्थगित कर दी. ईडी की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी इस पर सहमति जताई. कपिल सिब्बल कोर्ट में बंगाल सरकार का पक्ष रख रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने 15 जनवरी की सुनवाई में ईडी के इन आरोपों का बेहद गंभीर बताया था, जिनमें कहा गया कि ममता बनर्जी ने रेड वाली जगह पहुंचकर छापेमारी में बाधा डाली. कोर्ट ने इस बात की समीक्षा करने पर भी सहमति जताई थी कि क्या किसी राज्य की कानून प्रवर्तन एजेंसियां ​​किसी गंभीर अपराध के मामले में केंद्रीय एजेंसी की जांच में हस्तक्षेप कर सकती हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में उन ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी पर रोक लगा दी थी जिन्होंने कोयला घोटाले की जांच के सिलसिले में आठ जनवरी को ‘इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ (I-PAC) के ऑफिस और प्रतीक जैन के घर पर छापा मारा था. सुप्रीम कोर्ट ने राज्य पुलिस को छापेमारी की कार्रवाई की सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था.

जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने मुख्यमंत्री बनर्जी, पश्चिम बंगाल सरकार, पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार और शीर्ष पुलिस अधिकारियों को ईडी की उन याचिकाओं पर नोटिस जारी किया था जिनमें आई-पैक परिसर में छापेमारी में बाधा डालने के आरोप में उनके खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच का अनुरोध किया गया है.

ईडी का आरोप है कि मुख्यमंत्री तलाशी स्थलों पर पहुंचीं और आई-पैक परिसर से दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सहित महत्वपूर्ण’ सबूत अपने साथ ले गईं तथा उन्होंने जांच में बाधा डाली और हस्तक्षेप किया. राज्य में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं.



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