GST काउंसिल की अगली बैठक में रजिस्ट्रेशन, रिफंड और ऑडिट प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने पर फोकस रह सकता है। GST काउंसिल की बैठक बजट सत्र के बाद बुलाई जा सकती। इस पर पूरी डिटेल बताते हुए सीएनबीसी-आवाज़ संवाददाता आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार का GST रजिस्ट्रेशन आसान बनाने पर फोकस है। अब कोशिश यह होगी कि कम समय में और कम रुकावटों के साथ रजिस्ट्रेशन पूरा हो सके। इससे छोटे कारोबारियों और नए उद्यमियों को सीधा फायदा मिल सकेगा।
अब फटाफट रिफंड मिलेगा। रिफंड का मुद्दा काफी अहम है। मौजूदा सिस्टम में लगातार रिफंड मिलने में समय लगने की शिकायतें सामने आती रही हैं। सूत्रों के मुताबिक जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक में इस प्रक्रिया को ज्यादा ऑटोमेटेड और ट्रैक करने लायक बनाने पर चर्चा हो सकती है।
सरकार का ऑडिट रिपोर्ट कंप्लायंस को आसान बनाने पर जोर है। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में अंतर्राज्यीय कारोबरी के दौरान आने वाली रुकावटों को कम करने पर फोकस जाएगा, ताकि व्यापार सुचारू रूप से चल सके।
सूत्रों के मुताबिक GST काउंसिल की बैठक में ई-वे बिल सिस्टम में बड़े बदलावों पर चर्चा हो सकती है। टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से लॉजिस्टिक्स कॉस्ट घटाने की कोशिश होगी। टेक्नोलॉजी के बेहतर इस्तेमाल से माल ढुलाई में होने वाली अनावश्यक जांच और बार-बार रुकावटों को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही गैरजरूरी चेकिंग से होने वाली देरी की समस्या खत्म होगी। बजट सत्र के बाद GST काउंसिल की बैठक बुलाने की तैयारी है। उम्मीद है कि यह बैठक कारोबारियों के लिए कई बड़े और व्यावहारिक फैसले लेकर आ सकती है, जिनका सीधा असर उनके रोजमर्रा के बिजनेस ऑपरेशन और लागत पर पड़ेगा।


