विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार (5 फरवरी 2026) को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ ट्रेड को लेकर बैठक की. विदेश मंत्री ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच ऐतिहासिक ट्रेड डील अंतिम चरण में है और इससे जुड़े सभी पहलुओं को बहुत जल्द पूरा कर लिया जाएगा. वाशिंगटन डीसी में एक जयशंकर और मार्को रुबियो के बीच यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका ने भारत पर से टैरिफ को हटा दिया है.
ट्रेड डील से दोनों देशों के संबंध होंगे बेहतर: जयशंकर
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि यह ट्रेड डील दोनों देशों के संबंधों में एक नया अध्याय खोलेगा. रूस से कच्चे तेल की खरीद पर वाशिंगटन की ओर से भारत पर लगाये गए 25 फीसदी टैरिफ को हटाने सहित अमेरिकी टैरिफ में कमी की पुष्टि को छोड़कर, व्यापार समझौत के बारे में अब तक कोई ठोस विवरण सामने नहीं आया है. जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट कर अपनी अमेरिका यात्रा को सार्थक और सकारात्मक बताया.
आखिरी चरण में भारत-अमरिका ट्रेड डील: जयशंकर
उन्होंने कहा, ‘भारत-अमेरिका के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता आखिरी चरण में है और इसके विवरण को जल्द अंतिम रूप दे दिया जाएगा. यह हमारे द्विपक्षीय संबंधों में एक नए दौर की शुरूआत करता है, जिससे दोनों देशों के बीच संबंध के लिए अपार संभावनाएं खुलती हैं.’ विदेश मंत्री ने कहा, ‘महत्वपूर्ण खनिजों से संबंधित हमारा सहयोग भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. आने वाले दिनों में रणनीतिक मुद्दों, डिफेंस और एनर्जी पर सहयोग की उम्मीद है.’
Concluded a productive and positive visit to the US. Thank Secretary Rubio for his warm hospitality.
The historic India-US trade deal is in the final stages of detailing that will be completed very soon. It opens up a new phase in our bilateral ties, with vast possibilities for… pic.twitter.com/r3O20XJL90
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) February 5, 2026
भारत-अमेरिका के रिश्तों विदेश मंत्री का बयान
उन्होंने कहा, ‘कुल मिलाकर एक मजबूत गति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है.’ विदेश मंत्री जयशंकर महत्वपूर्ण खनिजों पर अमेरिका के नेतृत्व में आयोजित मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए वाशिंगटन डीसी की यात्रा पर हैं. भारत-अमेरिका के रिश्तों में तब कड़वाहट बढ़ गई जब ट्रंप ने भारतीय सामानों पर टैरिफ को दोगुना कर 50 फीसदी कर दिया. इसमें भारत की ओर से रूसी कच्चे तेल की खरीद पर 25 फीसदी का अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है.
टैरिफ के अलावा, कई अन्य मुद्दों पर भी संबंधों में गिरावट देखी गई, जिनमें पिछले साल मई में ट्रंप की ओर से भारत-पाकिस्तान संघर्ष को समाप्त करवाने का दावा किया जाना और वाशिंगटन की नई इमिग्रेशन नीति शामिल है.


