आंध्र प्रदेश के गुंटूर में शनिवार (31 जनवरी) को राजनीतिक रंजिश इतनी बढ़ गई कि तेलुगू देशम पार्टी (TDP) के सैंकड़ों समर्थकों की भीड़ ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अंबाटी रामबाबू के आवास पर धावा बोल दिया. मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर कथित अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में भीड़ ने लाठी, पत्थर और लोहे की रॉड्स से घर में तोड़फोड़ की, जिसके बाद पुलिस ने शनिवार देर रात रामबाबू को गिरफ्तार कर लिया.
नवभारत नगर स्थित रामबाबू के आवास पर हुई इस घटना की वीडियो फुटेज सामने आई है, जो कानून व्यवस्था की पोल खोलती है. फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कैसे उन्मादी भीड़ ने पुलिस सुरक्षा घेरे को धक्का देकर अंदर घुसने की कोशिश की और पोर्च में खड़ी गाड़ियों की शीशे और विंडशील्ड तोड़ डाली.
भीड़ ने तोड़ डाली कार
हैरान करने वाली बात यह रही कि जब भीड़ लोहे की रॉड्स से कारों पर वार कर रही थी, तब पुलिसकर्मी बस आस-पास खड़े नजरें बनाए रहे. बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद एक राजनीतिक बैनर (फ्लेक्सी) को लेकर शुरू हुई बहस का नतीजा था, जिसमें रामबाबू ने सीएम नायडू के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था.
प्रदेश सरकार के खिलाफ लोगों में गुस्सा
यह घटना आंध्र प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था की एक बड़ी मिसाल है. सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है और राज्य की जनता पहले ही राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से शासक दल की “अपराधिक गतिविधियों” पर रोक लगाने की गुहार लगा चुकी है. एक तरफ हिंसा करने वाले लोग खुलेआम घूम रहे हैं और दूसरी तरफ शिकायतकर्ता नेता को ही गिरफ्तार किया जाता है, यह स्थिति राज्य में जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक अधिकारों के संकट को दर्शाती है.
वर्तमान में गुंटूर पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन वायरल वीडियो और पीड़ित पक्ष की गिरफ्तारी ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या राज्य में अब कानून का राज बचा है या वह सत्ता के इशारों पर चल रहा है. केंद्र सरकार के हस्तक्षेप की मांग अब तेज होती जा रही है.
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