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NCB का बड़ा एक्शन, मैसूर में ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़, 10 करोड़ की MD ड्रग जब्त
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NCB का बड़ा एक्शन, मैसूर में ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़, 10 करोड़ की MD ड्रग जब्त

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नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने देश में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत बड़ी कामयाबी हासिल की है. NCB ने एक बड़े इंटर-स्टेट ड्रग तस्करी सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है और कर्नाटक के मैसूर में चल रही एक ड्रग फैक्ट्री को भी पकड़ा है. इस छापेमारी में करीब 10 करोड़ रुपये कीमत की सिंथेटिक ड्रग्स, कैश और लग्जरी गाड़ी जब्त की गई है.

NCB को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर 28 जनवरी 2026 को गुजरात के सूरत जिले के पलसाना इलाके में कर्नाटक नंबर की एक टोयोटा फॉर्च्यूनर SUV को रोका गया. गाड़ी की तलाशी में करीब 35 किलो मेफेड्रोन यानी MD नाम की ड्रग बरामद हुई. ये ड्रग राजस्थान में सप्लाई के लिए ले जाई जा रही थी.

छापामार कार्रवाई में क्या आया सामने? 

इसके बाद NCB ने पलसाना स्थित दास्तान रेसिडेंसी में रहने वाले महेंद्र कुमार विश्नोई के घर पर छापा मारा. जांच में सामने आया कि वही इस पूरे ड्रग नेटवर्क का मास्टरमाइंड है. उसके घर से 1.8 किलो अफीम, 25.6 लाख रुपये कैश और बड़ी मात्रा में केमिकल्स बरामद हुए. इस छापेमारी में सूरत पुलिस ने भी NCB के साथ थी.

जब इस मामले की जांच को आगे बढ़ाया गया तो जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ. खुलासा ये कि महेंद्र कुमार विश्नोई पहले भी अफीम और स्मैक की तस्करी में शामिल रहा है. NDPS केस में जेल जाने के दौरान उसने दूसरे कैदियों से सिंथेटिक ड्रग्स बनाने के तरीके, बाजार की डिमांड और सप्लाई चेन की जानकारी हासिल की. जमानत पर बाहर आने के बाद उसने इस प्लान को जमीन पर उतार दिया.

एनसीबी ने गुप्त ड्रग लैब का भी किया भंडाफोड़

NCB ने कर्नाटक के मैसूर के हेब्बल इंडस्ट्रियल एरिया में चल रही एक गुप्त ड्रग लैब का भी भंडाफोड़ किया. ये यूनिट बाहर से क्लीनिंग केमिकल बनाने की फैक्ट्री बताई जा रही थी, लेकिन अंदर सिंथेटिक ड्रग्स बनाने की पूरी सेटअप वाली लैब चल रही थी. लैब में ड्रग बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले आधुनिक उपकरण और 500 किलो से ज्यादा केमिकल्स मिले. NCB के मुताबिक ये फैक्ट्री मास्टरमाइंड के एक रिश्तेदार और सह-आरोपी के नाम पर किराए पर ली गई थी. उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है. अब तक इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. सभी आरोपी राजस्थान के जालोर जिले के रहने वाले है.

NCB ने इस केस में करीब 10 करोड़ रुपये की ड्रग्स, 25.6 लाख रुपये नकद, टोयोटा फॉर्च्यूनर गाड़ी भारी मात्रा में केमिकल्स जब्त किए है. ड्रग फैक्ट्री वाली यूनिट को फॉरेंसिक जांच के लिए सील कर दिया गया है. जांच में ये भी सामने आया है कि महेंद्र कुमार विश्नोई एक आदतन अपराधी है. उसके खिलाफ राजस्थान में तीन और गुजरात में एक केस पहले से दर्ज है.

ड्रग की कई खेप तैयार कर सप्लाई की जा चुकी थी

NCB के मुताबिक ये ड्रग लैब साल 2024 में शुरू की गई थी और तब से कई खेप तैयार कर सप्लाई की जा चुकी थी. देश में मेफेड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए NCB ने सभी राज्यों को Red Flag Indicators (RFI) जारी किए है, ताकि फील्ड लेवल पर ऐसे लैब्स की पहचान हो सके. NCB ने दो अहम केमिकल्स 2-ब्रोमो-4-मिथाइलप्रोपियोफेनोन और मोनो मिथाइलमाइन (MMA) की पहचान की है, जिनका इस्तेमाल MD ड्रग बनाने में होता है. केमिकल इंडस्ट्री से कहा गया है कि वे खरीदारों की सही जांच करें, ताकि इन केमिकल्स का गलत इस्तेमाल ना हो. फिलहाल मामले की जांच जारी है.



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