DS NEWS | The News Times India | Breaking News
Exclusive: राम मंदिर के साक्ष्य सामने लाने वाले डॉ. मणि को मिला पद्म श्री
India

Exclusive: राम मंदिर के साक्ष्य सामने लाने वाले डॉ. मणि को मिला पद्म श्री

Advertisements


देश के जानें-माने पुरातत्वविद डॉ. बीआर मणि को केंद्र सरकार में इस बार भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म श्री देने की घोषणा की है. बीआर मणि वो पुरातत्वविद हैं, जिनके नेतृत्व में अध्योध्या में बाबरी मस्जिद-राम मंदिर विवाद के दौरान ASI की टीम ने खुदाई की थी और कोर्ट में बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद उस जगह पर, जहां विवादित ढांचा पहले मौजूद था, नीचे सैकड़ों वर्ष पुराने भव्य मंदिर के साक्ष्य इकट्ठा करके रिपोर्ट में दर्ज किया था.

डॉ. बीआर मणि का कुल 47 वर्ष का पुरातत्वविद के तौर पर कैरियर था, जिसमें उन्होंने अयोध्या के अलावा सारनाथ में भी खुदाई की थी और उनकी रिपोर्ट से ये साबित हुआ था कि सारनाथ में गौतम बुद्ध और अशोक के बीच के कालखंड में एक विशाल वैभवमय साम्राज्य था. इस खुदाई में ये भी पता चला था कि मौर्य काल की शुरुआत में सारनाथ में कैसा वैभवमय साम्राज्य था और किस तरह साम्राज्य में विकास हुए.

ASI से रिटायरमेंट के बाद दो बार रहे नेशनल म्यूजियम के डायरेक्टर

इसके अलावा, दिल्ली में भी मेहरौली इलाके में डॉ. बीआर मणि के नेतृत्व में खुदाई के दौरान भगवान वराह की प्राचीन मूर्ति मिली थी. साथ ही खुदाई में सामने आया था कि मेहरौली का इलाका, जो एक समय पर कैसे आक्रताओं के आने से पहले फल फूल रहा था. अपने जीवन काल में डॉ. बीआर मणि ने कुल 20 से ज़्यादा पुरातत्व खुदाईयों का नेतृत्व किया था. जिसके बाद साल 2015 में बीआर मणि ASI से रिटायर हो गए. फिर सबसे पहले 2017 से 2019 और 2023 से 2025 तक दो बार नेशनल म्यूजियम के डायरेक्टर भी रहे.

इस दौरान भी डॉ. बीआर मणि ने नेशनल म्यूजियम में हड़प्पा सभ्यता के अवशेष नेशनल म्यूजियम में ना होने के बाद हरियाणा में खुदाई करवाई और हड़प्पा काल के अवशेषों को राष्ट्रीय संग्रहालय में लोगों के लिए रखवाया.

एबीपी न्यूज से एक्सक्लूसिव बातचीत में डॉ. मणि ने कहा कि उन्होंने ख़ुद से न ही पद्म श्री के लिए आवेदन किया था और न सरकार ने उनसे पहले कोई बातचीत की थी. उनके स्टूडेंट्स ने उन्हें पद्म पुरस्कार के नॉमिनेट किया था, जिसके बाद 25 जनवरी, 2026 को गृह मंत्रालय से उन्हें जानकारी मिली कि उन्हें पद्म पुरस्कार मिल रहा है.

सोशल मीडिया यूजर्स ने पद्म श्री देने पर क्या कहा?

वैसे तो राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद में खुदाई करने वाली ASI की टीम का नेतृत्व डॉ. बीआर मणि ने किया था, लेकिन उनसे पहले ही उस टीम में शामिल एक पुरातत्वविद को पद्म पुरस्कार दिया जा चुका था. ऐसे में सोशल मीडिया पर कई लोग डॉ. बीआर मणि को देर से पद्म पुरस्कार मिलने की बात कह रहे थे. इस मामले पर डॉ. बीआर मणि ने कहा कि जब सरकार ने उन्हें इस लायक समझा, उनके 47 साल के करियर को ध्यान में रखा तब पुरस्कार दिया.

राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद में उन्होंने जो रिपोर्ट बनाई या फिर खुदाई टीम का नेतृत्व किया वो उनकी जिम्मेदारी थी. जिसका उन्हें निर्वहन करना था और वो उन्होंने किया, जिससे देश के सामने सच आ सका. ऐसे में उन्हें देर से मिलने का कोई शिकवा नहीं है.

यह भी पढ़ेंः तेलंगाना में शराबी ड्राइवर की खौफनाक हरकत, SI को कार बोनट पर 500 मीटर तक घसीटा; परिवार को कुचला



Source link

Related posts

नेपाल में RSP की शानदार जीत, PM मोदी ने रबी लामिछाने और बालेन शाह को लगाया फोन, क्या हुई बात?

DS NEWS

‘मुझे कोई उम्मीद नहीं…’, बजट से पहले प्रियंका गांधी ने दिया चौंकाने वाला बयान

DS NEWS

अपने ही पार्टी मेंबर को फंसाने के आरोप में यह कांग्रेस नेता गिरफ्तार, घर पर रखवाए बम और शराब

DS NEWS

Leave a Comment

DS NEWS
The News Times India

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy