गोवा में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. ED की जांच में सामने आया है कि जिस नाइट क्लब बर्च बाय रोमो लेन (Birch by Romeo Lane) में आग लगने से 25 लोगों की मौत हुई थी. वो क्लब फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लिए गए लाइसेंस और NOC पर चल रहा था.
दरअसल, शुक्रवार को ED की पणजी जोनल टीम ने इस मामले में गोवा, दिल्ली और गुरुग्राम में 9 ठिकानों पर छापेमारी की. इन ठिकानों में अर्पोरा-नागाओ पंचायत के सरपंच और सचिव के परिसर भी शामिल हैं. ये कार्रवाई क्लब के मालिक लुथरा ब्रदर्स और अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई.
पुलिस की दो FIR पर ED ने शुरू की जांच
ED की जांच गोवा पुलिस की दो एफआईआर के आधार पर शुरू हुई. जांच में सामने आया कि क्लब को चलाने के लिए जरूरी फायर सेफ्टी, लोकल बॉडी और अन्य विभागों की मंजूरी या तो थी ही नहीं या फिर फर्जी कागजात के सहारे ली गई थी. इसके बावजूद क्लब लंबे समय तक धड़ल्ले से चलता रहा.
दो साल में इतनी कमाई की
जांच में ये भी सामने आया कि क्लब ने साल 2023-24 और 2024-25 के दौरान करीब 22 करोड़ रुपये की कमाई की. ED का मानना है कि चूंकि क्लब अवैध तरीके से चल रहा था. इसलिए इससे हुई कमाई अवैध पैसा यानी प्रोसीड्स ऑफ क्राइम मानी जा रही है.
ईडी ने कार्रवाई में कई दस्तावेज-डिजिटल डिवाइस जब्त किए
ED के मुताबिक, क्लब से कमाए गए करोड़ों रुपये निजी बैंक खातों और ग्रुप की दूसरी कंपनियों में भेजे गए. कुछ रकम विदेशों में ट्रांसफर किए जाने के सबूत भी मिले है, जिनकी जांच की जा रही है.
छापेमारी के दौरान ED ने कई अहम दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए है. साथ ही, जिन लोगों और कंपनियों पर अवैध कमाई रखने का शक है. उनके बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए गए है.
ED अब ये भी जांच कर रही है कि क्या इस पूरे मामले में सरकारी स्तर पर मिलीभगत या भ्रष्टाचार हुआ. गोवा पुलिस पहले ही इस केस में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. ED का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते है.


